ग्रहों में मंगल सेनापति माना जाता है. मंगल जोश और शक्ति से भरपूर ग्रह होता है. यह साहस व बल का कारक होता है. इसे उग्र, क्रोधी तथा उत्साही भी माना जाता है. मंगल से प्रभावित व्यक्तियों में पहल करने की क्षमता विशेष तौर पर पायी जाती है.

मंगल का शरीर के अंगों में प्रभाव (Placement of Sun in the Different Organs of Body as per Krishnamurthy system)
शरीर के अंगों में रक्त का कारक ग्रह मंगल को माना गया है. चन्द्र रक्त का संचालन करता है. प्रथम भाव व अष्टम भाव दोनों भावों में आने वाले अंगों को मंगल के अंगों की श्रेणी में रखा जाता है क्योकि, काल पुरुष की कुण्डली में मंगल की राशि पहले भाव व अष्टम भाव में आती है. शरीर के अंगों में जिह्वा को भी मंगल के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है.

मंगल के गुणों में मंगल को बल पूर्वक अपना अधिकार सिद्ध करने वाला कहा गया है. मंगल के प्रभाव क्षेत्र में अधिकारी, शक्तिशाली एवं प्रभावशाली व्यक्ति, नेतृत्व, युद्ध में धैर्य होता है. इन सभी विषयों में मंगल का गुण देखा जाता है. विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करते रहने की प्रवृति मंगल के फलस्वरुप आती है.

मंगल से पीड़त होने पर होने वाली बीमारियां (Disease Occur by Mars as per Krishnamurthy system)
गर्मी से होने वाली बीमारियां, मुहांसे, रक्त विकार इत्यादि मंगल के प्रभाव से होने वाली बीमारियां हैं.

मंगल का आजिविका क्षेत्र (Vocation Related to Mars as per KP system)
सुरक्षा एजेन्सियां, पुलिस, सुरक्षाकर्मी (security guards), जासूस, हथियार, किसी भी विभाग में टीम लीडर की भूमिका, सैन्य विभाग, पुलिस विभाग मंगल के कार्य क्षेत्र में आते हैं. सर्जरी करने वाले डाक्टरों का कार्य भी मंगल के आजिविका क्षेत्र में आता है. नाई व कसाई का काम करने वाले व्यक्ति भी मंगल के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं. हथियार से लैस अंगरक्षक भी मंगल के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं. मंगल का सम्बन्ध शनि या केतु के साथ होने पर कम्प्यूटर इंजीनियर के कार्यो में भी मंगल सफलता दिलाता है.

मंगल के उद्योग (Business of Mars as per KP system)
इसके उद्योग में मिर्च-मसालों से संबन्धित चीजें, दालचीनी, अदरक (ginger), लहसुन, प्याज आदि को शामिल किया जाता है. घरों का निर्माण करने वाले, कांटेदार पेड़ (thorny plants), अच्छी लकडी, शराब व अल्कोहलिक पदार्थ व तम्बाकू उद्योग को मंगल से प्रभावित क्षेत्र माना जाता है. मंगल का प्रभाव आजीविका क्षेत्र पर होने से भूमि के क्रय-विक्रय का कार्य करना भी लाभदायक होता है. मंगल जब कुण्डली में शुभ होता है तब जोखिम व साहस पूर्ण कार्यो को करने से लाभ मिलने की संभावना रहती है. पर्वतारोही, पहलवान समेत साहस और बल से काम करने वाले सभी लोग मूल रूप से मंगल से प्रभावित रहते हैं.

मंगल के स्थान (Place of Mars as per KP system)
लडाई का मैदान, सैनिक अभ्यास स्थल, पुलिस स्टेशन, आँपरेशन थियेटर, यंत्रनिर्माण स्थल, रसोई घर इत्यादि को मंगल का स्थान माना जाता है.

मंगल से सम्बन्धित जीव-जन्तु (Animlas of Mars as per KP system)
शेर, लोमड़ी, कुत्ता आदि मंगल से प्रभावित जीव-जन्तु हैं.

मंगल से सम्बन्धित वनस्पति (Plants of Mars as per KP system)
लहसून, तम्बाकू, लाल रंग के फल, कड़े छिलके वाले फल आदि मंगल से प्रभावित वनस्पति होते हैं.