वास्तु क्या है?

वास्तु भवनों एवं उनके निर्माण की कला है, यानि वास्तु कला एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है। जो अनुकूल घर या ऐसा निवास स्थान या कार्य का स्थान बनाने में हमारी सहायता करता है। जो प्रकृति, इसके तत्वों और ऊर्जा क्षेत्रों के लाभ लेकर सर्वाधिक वैज्ञानिक तरीके से बनाये जाते हैं ताकि उनमें रहने से हमारी धन संपत्ति, समृद्धि, स्वयास्थ्य और प्रसनत्ता में वृद्धि हो।

वास्तु के लाभ

यह लाभकारी है क्योंकि यह (सजीव) मनुष्य, (निर्जीव) वस्तु\सामग्री और प्रकृति क बीच (सन्तुलनकारी) सेतु है, और इससे भी बड़ी बात की यह व्यवहारिक है। वास्तु-निर्धारित निर्देशों के अनुसार अपना घर बनाएं और एक स्वयस्थ और खुशियों भरा जीवन जियें।

वास्तु सुधार और आधुनिक जीवन

आज के इस आधुनिक वैज्ञानिक युग में हम तैयार फ्लैटों, कार्यालयों और घरों में जीवन बिताते हैं। हमारे पास सभी आधुनिक स्टाइल एवं सुविधाएँ भी होती हैं। अतः पारम्परिक वास्तु के अनुसार किसी दीवार को तोडना या कमरे को भौतिक रूप से शिफ्ट करना लगभग असंभव हो जाता है। फिर भी आप वास्तु के लाभ लेना चाहते हैं। बताइए, आप क्या करेंगे? कोई समाधान है आपके पास?

एक क्रांतिकारी समाधान – पिरामिड वास्तु!

आपके लिए हैं – एक व्यवहारिक और परिणामोन्मुखी तरीका – पायरा वास्तु।
अब (पूर्व आज्ञाबद्ध) पहले से प्रोग्राम किया हुआ और ‘फामा’ उर्जित पिरामिड यन्त्र की सहायता से आप अपने वास्तु दोष को सुधार सकते हैं। यह पद्यति पिरामिड ऊर्जा की सहायता से आपके घर या कार्यालय की वास्तु को ठीक करती है। अब आप उसी स्थान पर स्वस्थ और खुशिओं से भरा जीवन जी सकते हैं।

अन्वेषण और अनुसंधान

३३ से भी अधिक वर्षों के अनुसंधान और पिरामिड यन्त्र के वैज्ञानिक सिद्धांत के कारण आज दुनियाभर में इसका प्रयोग होता है।

पिरामिड यंत्रों से प्राप्त परिणाम

पिरामिड की शक्ति से संपन्न वास्तु पायरा समर्थित घरों और कार्यालयों में आज खुशियों भरा जीवन जी रहे हैं – ४२ लाख से भी अधिक लोग ! इस गिनती में अगला नंबर आपका भी हो सकता है…

आज ही इसके लिए सोचें

पिरामिड शक्ति के छोटे प्रयोग से शुरुआत करें या पुस्तक पढ़ें। अपने शहर के किसी पायरा वास्तु सलाहकार से संपर्क करें।